Monthly Archives: मई 2011

बाबा बोले मैं आपके हाथ जोड़ता हूं , पैर पड़ता हूं……!

बैतूल, (रामकिशोर पंवार): योग गुरू बाबा रामदेव पत्रकारो के सवालों के जवाब देते समय इतने ज्यादा परेशान हो गए कि उन्होने एक पत्रकार से कहा कि आप मेरे बुर्जग है मैं आपके हाथ जोड़ता हूं , पैर पड़ता हूं कृपया … पढना जारी रखे

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भगवा सरकार में नारी और नदी के साथ भेदभाव की सबसे ताजी कहानी

भगवा सरकार में नारी और नदी के साथ भेदभाव की सबसे ताजी कहानी गिरगीट की तरह रंग बदलती जिला पंचायत और उसकी जलाभिषेक परियोजना बैतूल, रामकिशोर पंवार: गिरगीट की तरह रंग बदलती जिला पंचायत और उसकी तथाकथित जलाभिषेक परियोजानाओं के … पढना जारी रखे

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‘आखिर कहां खो गये अलगू चौधरी और जुम्मन शेख ..!”

‘ रामकिशोर पंवार ”रोंढ़ावाला ” हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक स्वर्गीय मुंशी प्रेमचंद की एक कथा ”पंच परमेश्वर” और ”बुढ़ी काकी”  मैने बचपन में कक्षा तीसरी में पढ़ी थी। उस समय की कथा के पात्रो को लेकर व्यक्त की गई कथाकार … पढना जारी रखे

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मदर्स डे पर मां की महिमा

निदा फाजली के शब्दो में बेसन की सोंधी रोटी पर खटट्ी चटनी जैसी मां, चुल्हा चौका फूकनी बेलन चिमटा जैसी मां, एक फटे पुराने एलबम में चचंल हिरणी जैसी मां

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